
“हरेंद्र शर्मा शहीद” — गया जिले के बिशुनगंज निवासी 44 वर्षीय आर्मी जवान हरेंद्र शर्मा का ड्यूटी के दौरान आकस्मिक निधन हो गया…
गया: बिहार के गया जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां बिशुनगंज निवासी भारतीय सेना के 44 वर्षीय जवान हरेंद्र शर्मा का ड्यूटी के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। जानकारी के अनुसार बुधवार शाम लगभग 4 बजे पंजाब के जालंधर में ड्यूटी के दौरान उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिसके बाद इलाज से पहले ही उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद समाचार के मिलते ही परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और लोगों ने नम आंखों से वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्थानीय लोगों के अनुसार हरेंद्र शर्मा बेहद सरल स्वभाव, अनुशासित जीवन और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। वे वर्षों से भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे और देश की रक्षा को ही अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य मानते थे। उनका अचानक इस तरह चले जाना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले और जिले के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि हरेंद्र शर्मा पिछले वर्ष नवंबर महीने में एक माह की छुट्टी बिताकर अपने घर आए थे और छुट्टी पूरी होने के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट गए थे। वे लगातार अपने परिवार से संपर्क में रहते थे और आगामी होली पर्व पर घर आने की तैयारी कर रहे थे। इतना ही नहीं, परिवार में नए मकान के गृह प्रवेश समारोह की भी योजना बनाई जा रही थी, जिसमें उनकी उपस्थिति का सभी को बेसब्री से इंतजार था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और ड्यूटी के दौरान ही उनका आकस्मिक निधन हो गया।
हरेंद्र शर्मा अपने पीछे पत्नी अन्नू देवी उर्फ मनोरमा देवी, दो बेटियां — 19 वर्षीय आशिया शर्मा और 12 वर्षीय अनुष्का शर्मा (रानी) — तथा 20 वर्षीय पुत्र सौरभ शर्मा को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह क्षण अत्यंत कठिन है, क्योंकि परिवार का सहारा माने जाने वाले सदस्य का अचानक इस तरह चले जाना पूरे घर को गहरे सदमे में डाल गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक जवान के छोटे भाई राकेश शर्मा, जो स्वयं भारतीय सेना में कार्यरत हैं, सेना के अधिकारियों के साथ जालंधर से पार्थिव शरीर को लेकर बिहार पहुंचेंगे। गुरुवार की सुबह पार्थिव शरीर को जालंधर से दिल्ली होते हुए विशेष विमान द्वारा पटना लाया जाएगा। पटना से सेना की विशेष एंबुलेंस के माध्यम से पार्थिव शरीर को गया जिले के बिशुनगंज स्थित उनके पैतृक आवास तक लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के लिए स्थानीय लोग और रिश्तेदार बड़ी संख्या में पहुंचेंगे।

सेना के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि गया पहुंचने के बाद सेना की विशेष टीम द्वारा हरेंद्र शर्मा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान सेना के अधिकारी, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। पूरे क्षेत्र के लोगों ने निर्णय लिया है कि वे बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल होकर अपने वीर जवान को अंतिम विदाई देंगे।
हरेंद्र शर्मा के निधन की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया। पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि वे हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे और अपने व्यवहार से सभी का दिल जीत लेते थे। सेना में रहते हुए भी जब भी वे छुट्टी पर घर आते थे, तो समाज से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे और युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करते थे।
क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि हरेंद्र शर्मा जैसे सैनिक ही देश की असली ताकत होते हैं, जो अपने परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। कई युवाओं ने कहा कि वे हरेंद्र शर्मा के जीवन से प्रेरणा लेकर सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते हैं।

हरेंद्र शर्मा के आकस्मिक निधन से पूरे गया जिले में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और प्रशासन से मांग की है कि शहीद जवान के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए, ताकि उनके बच्चों की पढ़ाई और परिवार की भविष्य की जरूरतें सुरक्षित रह सकें। सामाजिक संगठनों ने भी परिवार की हर संभव मदद करने का भरोसा दिया है।
देश सेवा के दौरान अपने जीवन को समर्पित करने वाले इस वीर जवान को पूरे क्षेत्र ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। तिरंगे में लिपटे हर सैनिक की तरह हरेंद्र शर्मा भी देशवासियों के दिलों में अमर रहेंगे। उनकी शहादत हमें यह याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे जवान हर पल अपने जीवन को दांव पर लगाए रहते हैं, और उनका सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
“वीर जवान हरेंद्र शर्मा अमर रहें” — इसी भाव के साथ पूरा क्षेत्र उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है।
