Dr Satyendra Kumar Gaya Police Arrest

गया | Bihar Baithak

गया के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र से जुड़े एक सनसनीखेज रंगदारी मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। 1 करोड़ रुपये की रंगदारी और जान से मारने की धमकी के पीछे किसी बाहरी गैंग का नहीं, बल्कि पीड़ित के बेहद करीबी व्यक्ति की साजिश सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने एक डॉक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, यह मामला 7 जनवरी 2026 का है। पीड़ित ने मगध मेडिकल थाना में लिखित शिकायत देकर बताया था कि उसकी पत्नी के मोबाइल फोन पर लगातार अज्ञात नंबरों से कॉल आ रहे हैं। कॉल करने वाला व्यक्ति 1 करोड़ रुपये की मांग कर रहा था और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

एसएसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम

एसएसपी सुशील कुमार ने मामले को गंभीर मानते हुए नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में और नगर पुलिस उपाधीक्षक-02 के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया।
इस टीम में मगध मेडिकल थाना पुलिस, तकनीकी शाखा और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल किए गए।

जांच की शुरुआत कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई।

तकनीकी जांच से खुला राज

तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस दो संदिग्धों तक पहुंची। इसके बाद रामपुर थाना क्षेत्र के गोपाल विगहा गांव से इरशाद अहमद और नौशाद अहमद को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि रंगदारी की कॉल किसी और के कहने पर की जा रही थी।


करीबी निकला मास्टरमाइंड

पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा तब हुआ जब आरोपियों ने बताया कि इस पूरे मामले की साजिश डॉ. सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर रची गई थी।
पुलिस ने इसके बाद डॉ. सत्येंद्र कुमार को पूछताछ के लिए मगध मेडिकल थाना बुलाया। पूछताछ में उनकी संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार डॉक्टर लोढ़िया नगर के निवासी हैं और मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न्यूरो सर्जन के पद पर कार्यरत हैं।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस का दावा है कि इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।


 नोट

यह रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों के बयान और प्रारंभिक जांच पर आधारित है।
मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए सभी आरोपी कानूनन दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माने जाएंगे