बिहार में खराब सड़कों और गड्ढों की समस्या लंबे समय से आम लोगों के लिए परेशानी का कारण रही है। हालांकि, अब इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार एक नई और अनोखी पहल करने जा रही है। इसी कड़ी में, बिहार सरकार “गड्ढा बताओ, ₹5000 पाओ” योजना लाने की तैयारी में है, जिसे 15 फरवरी 2026 के बाद लागू किए जाने की संभावना है।
आखिर क्या है “गड्ढा बताओ, ₹5000 पाओ” योजना?
सरल शब्दों में कहें तो, इस योजना के तहत यदि कोई नागरिक सड़क पर खतरनाक गड्ढे की सूचना देता है और तय समय में उसकी मरम्मत नहीं होती, तोशिकायतकर्ता को ₹5000 का इनाम दिया जा सकता है।
इस तरह, सरकार सीधे तौर पर जनता को सड़क सुरक्षा से जोड़ने जा रही है।
क्यों जरूरी थी यह योजना?
दरअसल, बिहार में हर साल सड़क दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह खराब सड़कें और खुले गड्ढे होते हैं। इसी कारण, सरकार अब केवल शिकायत दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जवाबदेही तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
इसके अलावा, इस योजना से ठेकेदारों और इंजीनियरों पर भी समय पर काम पूरा करने का दबाव बनेगा।
शिकायत कैसे और कहाँ की जा सकेगी?
सरकारी जानकारी के अनुसार,
- सबसे पहले, गड्ढे की शिकायत एक निर्धारित हेल्पलाइन या रोड एंबुलेंस नंबर पर की जा सकेगी।
- इसके बाद, शिकायत संबंधित विभाग तक तुरंत पहुंचेगी।
- यदि 72 घंटे के भीतर गड्ढे की मरम्मत नहीं होती है, तो शिकायतकर्ता इनाम का हकदार बन सकता है।
यानी, अब सड़क पर गड्ढा दिखने पर चुप रहने की जरूरत नहीं होगी।
72 घंटे की समय-सीमा क्यों अहम है?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिकायत मिलने के बाद गड्ढा 72 घंटे के भीतर ठीक करना अनिवार्य होगा।
नतीजतन,
- सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी
- आम लोगों का भरोसा बढ़ेगा
- और सरकारी तंत्र की जवाबदेही भी तय होगी
क्या बिहार देश का पहला राज्य बनेगा?
सबसे खास बात यह है कि यदि यह योजना पूरी तरह लागू होती है, तो बिहार ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन सकता है, जहाँ सड़क की खराबी बताने पर सीधा आर्थिक इनाम मिलेगा।
इससे पहले, देश के किसी भी राज्य में इस तरह की प्रत्यक्ष इनाम आधारित व्यवस्था नहीं रही है।
आम जनता के लिए क्या बदलेगा?
इस योजना के लागू होने के बाद,
- पहले लोग गड्ढों से परेशान रहते थे
- अब वही लोग सड़क सुधार का हिस्सा बनेंगे
दूसरी ओर, प्रशासन भी यह नहीं कह पाएगा कि उसे समस्या की जानकारी नहीं थी।
निष्कर्ष: शिकायत नहीं, साझेदारी की शुरुआत
अंततः, “गड्ढा बताओ, ₹5000 पाओ” योजना सिर्फ एक इनाम योजना नहीं है, बल्कि यह सरकार और नागरिकों के बीच साझेदारी का नया मॉडल है।
अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो न केवल सड़कें बेहतर होंगी, बल्कि बिहार सड़क सुरक्षा के मामले में देश के लिए एक उदाहरण भी बन सकता है।
