Village with no FIR in Bihar - Katkauli and Bankat.Bihar Zero FIR Villages" या "बिहार के विवाद मुक्त गाँव"

दशकों से बिना FIR के चल रहा है न्याय का देसी मॉडल

जब देश में अदालतों पर मुकदमों का बोझ बढ़ता जा रहा है, उसी दौर में बिहार के कुछ गाँव ऐसे भी हैं जो पूरी व्यवस्था को एक शांत सवाल पूछते हैं—
क्या हर विवाद का हल कोर्ट-कचहरी ही है?

बिहार की पहचान अक्सर अपराध और झगड़ों से जोड़ दी जाती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे कहीं ज़्यादा सकारात्मक है। बिहार के कुछ गाँव ऐसे हैं जहाँ पीढ़ियों से एक भी FIR दर्ज नहीं हुई, क्योंकि वहाँ कानून से पहले संस्कार, और सजा से पहले संवाद को महत्व दिया जाता है।

1️⃣ कतकौली (बक्सर): आज़ादी के बाद से एक भी केस नहीं

बक्सर जिले का कतकौली गाँव सिर्फ ऐतिहासिक युद्ध के लिए नहीं, बल्कि अपनी अद्भुत सामाजिक शांति के लिए जाना जाता है।

गाँव में लगभग 700–800 परिवार रहते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि 1947 के बाद आज तक एक भी मामला थाने या कोर्ट तक नहीं पहुँचा

यहाँ न्याय कैसे होता है?
गाँव के बुजुर्ग बताते हैं— “बात अगर घर से बाहर जाए, तो वह ज़िद बन जाती है। इसलिए हर विवाद घर और पंचायत में ही सुलझा लिया जाता है।”

2️⃣ पतेली पूर्वी पंचायत (समस्तीपुर): 40 साल से पुलिस स्टेशन नहीं जाना पड़ा

समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड की पतेली पूर्वी पंचायत ने पिछले चार दशकों से FIR-मुक्त रहने का रिकॉर्ड कायम रखा है।

यहाँ लोगों ने सामूहिक रूप से तय किया है कि:

  • जमीन का विवाद हो
  • पारिवारिक झगड़ा हो
  • या आपसी कहासुनी

👉 हर मामला पंचायत के ज़रिए सुलझेगा, न कि थाने के ज़रिए।

इससे न सिर्फ समय और पैसा बचा, बल्कि लोगों का सम्मान और आपसी भरोसा भी कायम रहा

3️⃣ बनकट (गया): 111 सालों से ‘जीरो क्राइम’ की मिसाल

गया जिले का बनकट गाँव तो इस मामले में और भी आगे है।
1914 में बसे इस गाँव में 111 वर्षों से कोई केस दर्ज नहीं हुआ।

गाँव के संस्थापकों ने जो सामाजिक नियम बनाए थे, आज भी नई पीढ़ी उन्हें उतनी ही गंभीरता से मानती है।
यहाँ पुलिस आती है, लेकिन सिर्फ गश्त या संवाद के लिए—कार्रवाई के लिए नहीं।

समाज के लिए संदेश: अदालत नहीं, आपसी समाधान

इन गाँवों की सबसे बड़ी सीख यही है कि
अहंकार से बड़ा रिश्ता होता है।

  • 🔹 कोर्ट-कचहरी से बचाव = समय और धन की बचत
  • 🔹 आपसी संवाद = स्थायी समाधान
  • 🔹 झगड़ा-मुक्त गाँव = तेज़ विकास
  • 🔹 कम अपराध = पुलिस पर कम बोझ

अगर विवाद बातचीत से सुलझ जाए, तो समाज में कड़वाहट नहीं, विश्वास बढ़ता है

📢 Bihar Baithak की अपील

क्या आपके आसपास भी कोई ऐसा गाँव या मोहल्ला है जहाँ विवादों को बिना पुलिस-कोर्ट के सुलझाया जाता हो?
हमें बताइए।

Bihar Baithak का मकसद है—
बिहार की उन कहानियों को सामने लाना, जो अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाती हैं।

आइए, मिलकर बिहार की इस शांत, समझदार और सकारात्मक तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुँचाएँ।

Writer: Vivek Kumar

Bihar Baithak